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स्वावलंबी शिक्षा की ओर कदम

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दुर्गावती हेमराज टाह सरस्वती विद्या मंदिर, नेहरू नगर, गाजियाबाद में मल्टी स्किल फाउंडेशन लैब

गाजियाबाद | आज जहां एक ओर शिक्षा का प्रचार-प्रसार हुआ तो वहीं दूसरी ओर बढ़ते मशीनीकरण के कारण रोजगार के अवसरों में कमी आई है। इसी रोजगार प्राप्ति हेतु व्यक्ति प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ में शामिल हो रहा है। विद्यालय से निकलने के बाद विद्यार्थियों को बिना किसी प्रतिस्पर्धा की दौड़ में भागीदारी के आसानी से रोजगार के अवसर उपलब्ध हो सकें, इसके लिए वर्तमान शिक्षा व्यवस्था में बदलाव की आवश्यकता अनुभव की गई। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में इस समस्या के समाधान के लिए वोकेशनल कोर्स के रूप में मल्टी स्किल फाउंडेशन कोर्स की व्यवस्था की गई है। इसमें बल दिया गया है कि प्रत्येक विद्यालय में मल्टी स्किल फाउंडेशन लैब बनाने के लिए कदम उठाए जाएं ताकि विद्यार्थी बौद्धिक ज्ञान के साथ-साथ तकनीकी ज्ञान प्राप्त कर सके।

दुर्गावती हेमराज टाह सरस्वती विद्या मंदिर, नेहरू नगर, गाजियाबाद में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप विद्यालय में एक मल्टी स्किल फाउंडेशन लैब की शुरुआत अप्रैल 2022 में की गई। इस लैब का उद्देश्य छात्रों में तकनीकी कौशल विकसित करना है। यह विद्यार्थियों को शिक्षा के प्रारंभिक स्तर पर उनके तकनीकी कौशल को पहचानने में बहुत सहायता करता है। वर्तमान में विद्यालय में स्थापित लैब में चार विषय हैं –

1. एनर्जी एंड एनवायरमेंट –

वर्तमान में हम देखते हैं कि प्रत्येक व्यक्ति पुराने तकनीकी और संसाधन को छोड़कर नई तकनीकी और संसाधन को अपना रहा है। आज मनुष्य आग और धुएं को छोड़कर विद्युत और इससे संचालित उपकरण की ओर बढ़ रहा है। ऐसे में यह कोर्स घरों में प्रयोग किए जाने वाले बल्ब व पंखे, हीटर, कूलर, स्विच आदि से संबंधित तकनीकी ज्ञान प्रदान करने में सहायक है। वैसे इस कोर्स को सी.बी.एस.ई. शिक्षा में 9th स्टैंडर्ड से लागू किया जाता है लेकिन हमने छोटी कक्षाओं में एक्सपोजर हेतु इसकी शुरुआत की है। इससे छात्र अपने घर के छोटे-मोटे कार्य करने में कुशल होंगे और साथ ही र्यावरण को शुद्ध

रखने में सहायक सिद्ध होंगे।

2. वर्कशॉप एंड इंजीनियरिंग टेक्निक्स –

इस कोर्स के माध्यम से विद्यार्थी मैकेनिकल वर्क की बेसिक जानकारी प्राप्त करते हैं। इसमें विद्यार्थी मशीनों सहित, स्कूटी, मोटरसाइकिल, कार आदि को खोलने, बांधने व सुधारने में निपुणता हासिल करते हैं। लकड़ी का कार्य जैसे मेज, कुर्सी, पलंग, अलमारी बनाना, आरी, बसूला, रंदा, हथौड़ा, इंची टेप आदि का प्रयोग करना सीखते हैं। छात्रों को मकान, दुकान निर्माण व मरम्मत तथा ईंट, सीमेंट, रोड़ी, बदरपुर आदि के सही अनुपात में मिश्रण के बारे में भी जानकारी मिलती है।

3. फूड एंड प्रोसेसिंग टेक्निक्स –

विज्ञान के अनुसार हमें कैसा भोजन करना है, हमारे शरीर के लिए कितनी मात्रा में भोजन आवश्यक है, कौन से पोषक तत्व हमारे शरीर के लिए उपयोगी हैं, इन सब की सभी जानकारी छात्र इस कोर्स से प्राप्त करते हैं। साथ ही विद्यालय स्तर पर शुद्ध, सरल, सात्विक भोजन बनाने में निपुणता प्राप्त करते हैं।

4. गार्डनिंग-नर्सिंग एंड एग्रीकल्चर टेक्निक्स –

भारत एक कृषि प्रधान देश है लेकिन आज छात्रों में कृषि के प्रति रुझान कम हो रहा है। यह कोर्स छात्रों को कृषि की बेसिक जानकारी निराई, गुड़ाई व फसलों की बुआई, समय की जानकारी कराता है। इसके अलावा घरों में पौधे लगाना, उनको खाद-पानी तथा छटाई आदि करने में निपुण बनाता है। छात्र बीज लगाना व नए पौधे बनाना, नए पौधों की खोज तथा उन्नत किस्में तैयार करना सीखते हैं।

विद्यालय में स्थापित मल्टी स्किल फाऊंडेशन कोर्स लैब विद्यार्थियों को विद्यालय स्तर पर आत्मनिर्भर बनने का सुनहरा अवसर प्रदान करती है। विद्यार्थी अपने तकनीकी कौशल को पहचान कर नई-नई चीजें सीख रहे हैं। इस लैब से उन्हें भविष्य में अपनी रूचि के अनुसार कौशल का चुनाव करने में भी आसानी होगी। इस लैब से कौशल प्राप्त कर विद्यार्थी इंजीनियरिंग, होटल तथा कृषि क्षेत्र में रोजगार के अवसर प्राप्त कर पाएंगे।

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