Home अन्य वैज्ञानिक छात्रों ने रचा इतिहास

वैज्ञानिक छात्रों ने रचा इतिहास

272
1
scientific-students-of-gopal-vidya-mandir-created-history

गोपाल विद्या मंदिर के वैज्ञानिक छात्रों ने रचा इतिहास

हिमाचल के मुख्य मंत्री जयराम ठाकुर ने छात्रों को दिया 6 लाख का नकद पुरस्कार व 50 लाख की सीड फीडिंग

नए भारत का सपना साकार कर रहे हैं युवा वैज्ञानिक मेहनती विज्ञान

देश में वैज्ञानिक क्रान्ति का नया युग स्थापित करने के लिए केन्द्र सरकार उन वैज्ञानिक छात्रों का हर संभव सहयोग कर रही है जिनकी उन्हें आवश्यकता है। भारत अपने बलबूते पर नए प्रयोग कर अन्तर्राष्ट्रीय पटल पर अपना लोहा मनवा रहा है। हमारा प्राचीन विज्ञान इस बात का साक्षी रहा है कि हम विज्ञान के क्षेत्र में पहले भी मजबूत थे और आज भी हम अपने वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ अपनी उपस्थिति विश्व स्तर पर दर्ज करवा रहे हैं।

जींद | हर साल IIT मंडी हिमालयन स्टार्टअप चैलेंज का आयोजन कर रहा है। यह एक राष्ट्रीय चुनौती है जहां प्रतिभागी भारत के विभिन्न कोने-कोने से आते हैं। इसमें 4 राउंड होते हैं। जहां प्रतिभागियों को ग्रैंड फिनाले के लिए सभी राउंड क्लियर करने होते हैं। जीवीएम के एक छात्र (अमन कक्षा 12वीं) और पूर्व छात्रों ने उस कार्यक्रम में (शुभम, नवीन) ने भाग लिया। सर्चग्रैंड ने आईआईटी मंडी में आयोजित ग्रैंड फिनाले में विचारों और उपकरणों को प्रस्तुत किया। उन्हें सर्वश्रेष्ठ स्टार्टअप के लिए नकद पुरस्कार से सम्मानित किया गया और आगे के शोध के लिए फंड (6 लाख तक शोध और 50 लाख सीड फंडिंग) के लिए भी चुना गया। आईआईटी मंडी से इन्क्यूबेशन ऑफर लेटर भी मिला। यह पुरस्कार हिमाचल के मुख्यमंत्री श्री जय राम ठाकुर द्वारा दिया गया।

ऐसे उपकरणों का निर्माण करके यह वैज्ञानिक छात्र हर बार कुछ नया करने की होड़ में लगे रहते हैं। इसका श्रेय अपने विज्ञान अध्यापक नरेंद्र कुमार को देते हैं जो समय समय पर उनका मार्गदर्शन करते रहते हैं।

गोपाल विद्या मंदिर के दो पूर्व छात्र व एक वर्तमान वैज्ञानिक छात्र ने विद्या भारती के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों से नया इतिहास लिख डाला। छात्रों की वैज्ञानिक सोच को आगे बढ़ाने के लिए विद्यालय शिक्षा के दौरान विद्या भारती द्वारा आयोजित विज्ञान मेलों में प्रतिभागिता कर और भारत सरकार द्वारा विद्यालयों को दी गई अटल टिंकरिंग लैब ने उनके सपनों को साकार रूप प्रदान करने में अहम भूमिका निभाई। और उन्होंने नए भारत की कल्पना को साकार रूप देने के लिए स्टार्टअप नरेंद्र मोदी की सोच को आगे बढ़ाते हुए अपनी एक कंपनी बना डाली जिसमें उन्होंने कई नए प्रयोग किए इसमें एनर्जी सेविंग का कंसेप्ट, कई विश्वविद्यालय अपने हॉस्टल में प्रयोग कर रहे हैं जिससे बिजली की बचत सुचारू रूप से हो सके।

और पढ़ें : समर्पण कार्यक्रम की झलकियां

1 COMMENT

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here