विद्या भारती हरियाणा, हिन्दू शिक्षा समिति (पंजी.), कुरुक्षेत्र द्वारा संपर्कित विद्या मंदिर योजना के अंतर्गत ‘प्रधानाचार्य एवं चेयरमैन बैठक’ का आयोजन दिनांक 11 दिसंबर 2025 को प्रांत कार्यालय भारती भवन, कुरुक्षेत्र में किया गया।
बैठक में विद्या भारती उत्तर क्षेत्र के संगठन मंत्री श्री विजय नड्डा जी, प्रांतीय उपाध्यक्ष श्री चेतराम शर्मा जी तथा प्रांतीय मंत्री श्री सम्पूर्ण सिंह जी की उपस्थिति रहे।
श्री सम्पूर्ण सिंह जी ने बैठक की भूमिका रखते हुए विद्या भारती के उद्देश्य एवं कार्य का उल्लेख किया। उन्होंने एक सुंदर उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे गंगा एक छोटी धारा के रूप में निकलकर अन्य धाराओं के संग मिलकर एक विशाल नदी का रूप ले लेती है, उसी प्रकार विद्या भारती भी सभी शिक्षण संस्थानों को साथ जोड़कर एक विराट ‘शिक्षा-सागर’ के निर्माण की दिशा में निरंतर अग्रसर है।
विद्यालयों द्वारा प्रस्तुत अनुभव एवं अपेक्षाएँ
आए हुए विद्यालयों ने बताया कि विद्या भारती से जुड़ने के बाद उनके विद्यालयों में हुए सकारात्मक परिवर्तन हुए है हैं।
साथ ही विद्यालयों ने यह अपेक्षा भी रखी कि—
- उनके छात्रों को ज्ञान-विज्ञान मेला, सांस्कृतिक महोत्सव, खेलकूद प्रतियोगिताओं जैसे विद्या भारती के महत्त्वपूर्ण कार्यक्रमों में सहभागिता का अवसर मिले।
- विद्या भारती के वरिष्ठ अधिकारी समय–समय पर विद्यालयों में आकर प्रेरणादायी सत्र (Motivational Sessions) आयोजित करें, जिससे छात्रों में संस्कार और आत्मविश्वास का विकास हो।
- आचार्यों के लिए भी संचालित विद्यालयों की भाँति कार्यशालाएँ, प्रशिक्षण कार्यक्रम एवं प्रवास योजनाएँ बनाई जाएँ।
परीक्षा, परियोजनाएँ एवं संस्कार केंद्र
इस अवसर पर
- श्री अनिल कुमार कुलश्रेष्ठ जी ने अखिल भारतीय स्तर पर आयोजित होने वाली संस्कृति ज्ञान परीक्षा के बारे में बताया तथा छात्रों को इसमें सम्मिलित होकर संस्कृतिपरक ज्ञान अर्जित करने का आग्रह किया।
- श्रीमती सुमन बाल जी ने क्षेत्रीय स्तर पर होने वाली NTSE परीक्षा के विषय में जानकारी दी।
- सेवा-शिक्षा विभाग द्वारा संचालित संस्कार केंद्रों की डॉक्यूमेंटरी भी प्रस्तुत की गई।
इस संदर्भ में श्री चेतराम शर्मा जी ने सभी विद्यालयों से आग्रह किया कि वे अपने स्तर पर एक-एक संस्कार केंद्र प्रारंभ करने का संकल्प लें ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे।
श्री विजय नड्डा जी का मार्गदर्शन
अपने प्रेरणादायी उद्बोधन में श्री विजय नड्डा जी ने कहा कि विद्या भारती का सम्पूर्ण देश में एक रूप—माँ सरस्वती, ॐ एवं भारत माता—का प्रतीक रूप में प्रयोग होता है और एक समान वंदना होती है। उन्होंने बताया कि बसंत पंचमी, जिसे सरस्वती दिवस के रूप में मनाया जाता है, विद्या भारती के सभी विद्यालयों में बड़े उत्साह से मनाया जाता है। छात्र अपनी पॉकेट मनी से कुछ राशि उन छात्रों के सहयोग हेतु दान करते हैं जो शिक्षा से वंचित हैं या भटकाव की स्थिति में हैं।
उन्होंने यह भी बताया कि विद्या भारती के प्रकल्प Department of Holistic Education (DHE) के अंतर्गत छात्रों के सर्वांगीण विकास हेतु चार प्रकार की ओलम्पियाड परीक्षाएँ संचालित हो रही हैं, जिनमें संपर्कित विद्यालयों के छात्र भी भाग ले सकते हैं। साथ ही विद्या भारती की विभिन्न आचार्य कार्यशालाओं में भी संपर्कित विद्यालयों के शिक्षक भागीदारी कर सकते हैं।
समापन
अंत में श्री चेतराम शर्मा जी ने सभी उपस्थित प्रधानाचार्यों एवं चेयरमैनगण का आभार व्यक्त किया।
बैठक का समापन कल्याण मंत्र के साथ हुआ।






