Home रिपोर्ट: अखिल भारतीय संस्कृति बोध परियोजना

संस्कृति बोध परियोजना

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संस्कृति बोध परियोजना अखिल भारतीय कार्यशाला

कुरुक्षेत्र। विद्या भारती संस्कृति शिक्षा संस्थान में आयोजित तीन दिवसीय संस्कृति बोध परियोजना अखिल भारतीय कार्यशाला का शुभारंभ करते हुए अखिल भारतीय सह संगठन मंत्री  श्रीराम आरावकर ने कहा कि भारतीय संस्कृति का ज्ञान बालकों में छात्र जीवन से हो। उन्होंने कहा कि संस्कृति ज्ञान परीक्षा का आयोजन देशभर में किया जाता है। विगत दो वर्षों से परिस्थितियां अनुकूल न होने के बाद भी गत वर्ष संस्कृति ज्ञान परीक्षा में नौ लाख परीक्षार्थियों ने सहभागिता की। इसके अतिरिक्त अभिभावकों और समाज तक भी भारतीय संस्कृति के विभिन्न पहलुओं को जानने का अवसर प्राप्त हो, इसके लिए प्रवेशिका के रूप में आयोजित की गई। इसमें 1.5 लाख शिक्षकों, अभिभावकों एवं समाज के अन्य वर्गों ने भाग लिया है।

कार्यशाला में अखिल भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के लिए प्रश्नपत्र एवं संस्कृति महोत्सव के लिए आयोजित होने वाले संस्कृति ज्ञान प्रश्न मंच का निर्माण किया गया। संस्थान के सहसचिव वासुदेव प्रजापति ने संस्कृति ज्ञान परीक्षा के प्रश्न-पत्र बनाने और प्रश्न निर्माण करने के लिए आवश्यक बातों की जानकारी दी। संस्कृति बोध परियोजना के राष्ट्रीय संयोजक दुर्ग सिंह राजपुरोहित ने सभी प्रतिभागियों के वर्ग अनुसार (शिशु, बाल, किशोर, तरुण) समूह बनाकर प्रश्नपत्र और प्रश्न मंच निर्माण का कार्य आरंभ कराया। कार्यशाला में विभिन्न राज्यों से 59 शिक्षाविदों ने भाग लिया।

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