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नव चयनित आचार्य आवासीय वर्ग

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Vidya Bharati Delhi Prant - Newly selected Acharya residential Varg

दिल्ली । विद्या भारती, दिल्ली प्रान्त के तत्वाधान में दस दिवसीय नव चयनित आचार्य आवासीय वर्ग का आयोजन 17 से 26 जून 2023 तक महाशय चूनी लाल सरस्वती बाल  मंदिर, विभागीय परिसर, हरि नगर, दिल्ली में किया गया। इस आवासीय वर्ग में दिल्ली प्रान्त की दो समितियों के 21 विद्यालयों से आये 74 आचार्यों ने दस दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण प्राप्त किया। इस वर्ग की पाठ्यक्रम विभाजन योजना के अनुरूप कुल 10 वैचारिक, 19 शैक्षणिक, 10 चर्चा, 4 स्वाध्याय एवं 9 सत्र रात्रि कार्यक्रम के रहे। इसके अतिरिक्त 2 सत्र पाठ योजना, 1 सत्र सेवा भ्रमण तथा 1 सत्र TLM निर्माण के लिए उपयोग हुए। 

प्रत्येक दिन के वंदना सत्र में शिक्षार्थियों को क्षेत्र तथा प्रान्त से आये कार्यकर्ताओं के विचारों को सुनने और आत्मसात करने का अवसर प्राप्त हुआ। वैचारिक सत्रों में विद्या भारती, उत्तर क्षेत्र से श्री सुरेन्द्र अत्रि, श्री हर्ष कुमार, श्री विजय नड्डा, श्री बाल किशन, श्री किशन वीर तथा दिल्ली प्रान्त से श्री जतिन, श्री रवि कुमार, श्री संजय शर्मा, श्री उपेंद्र शास्त्री एवं बहिन नम्रता दत्त ने उपस्थित शिक्षार्थियों का मार्गदर्शन किया।

उक्त वक्ताओं ने राष्ट्रीय कार्यकर्ता संघ, विद्या भारती एवं भारतीय जीवन दर्शन से जुड़े कुछ गूढ़ विषयों पर शिक्षार्थियों के समक्ष अपने विचार रखे। 

शैक्षणिक सत्रों में दिल्ली प्रान्त के विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्यों ने विशिष्ट शैक्षिक विषयों पर बहुत ही रोचक सत्र लिए जिसमें मुख्यतः कक्षा प्रबंधन, आचार्य दैनन्दिनी, पाठ योजना निर्माण, प्रश्न निर्माण, नील पत्र निर्माण तथा प्रश्न पत्र निर्माण जैसे आचार्य उपयोगी विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त हुआ। क्रियात्मक एवं चर्चात्मक शिक्षण विधि तथा गतिविधियों से परिपूर्ण इन सत्रों में सभी शिक्षार्थी आचार्यों ने बड़े उत्साह से भाग लिया। इस वर्ग में नवाचार के अंतर्गत प्रथम चार दिन स्वाध्याय के भी सत्र रहे जिस के लिए इस परिसर में एक स्वचालित पुस्तकालय निर्मित किया गया। सभी शिक्षार्थियों ने अपनी-अपनी रूचि अनुसार इस पुस्तकालय से एक पुस्तक चुनकर आगामी चार दिन इस पुस्तक को स्वाध्याय सत्र में पढ़ा व पुस्तक समीक्षा हेतु नोट्स भी बनाये। बाद में सभी आचार्यों ने गटश: पुस्तक समीक्षा लेखन भी किया। इस सत्र में एक नवचार – सेवा भ्रमण भी रहा, जिसमें शिक्षार्थी गटों में विभाजित हो विभिन्न उदेश्यों को लेकर समाज संपर्क के लिए गए।

संस्कार केंद्रों, सेवा बस्तयों एवं अभिभावक संपर्क हेतु छात्रों के घर जाने के अलावा शिक्षार्थी हरि नगर स्थित गुरुकुल भी गए। सेवा भ्रमण के इस कार्यक्रम ने सभी को जीवन के कुछ अनभिज्ञ पहलुओं से अवगत करवाया।  लगभग सभी के लिए सेवा भ्रमण का यह अनुभव सोच और समझ को पूर्णत: परिवर्तित करने वाला रहा।

रात्रि के अनौपचारिक सत्रों में भी इस वर्ष नवीन प्रयोग किये गए। अंतिम रात्रि अनौपचारिक सत्र में प्रान्त के संगठन मंत्री श्री रवि कुमार के उद्बोधन पश्चात् पुण्य भूमि भारत नाम से भूमि वंदन का कार्यक्रम रहा। शिक्षार्थियों द्वारा भोजन स्थल पर बनाये अखंड भारत के मानचित्र को सभी ने दीपांजलि अर्पित की। तत्पश्चात पुष्पांजलि के द्वारा भारत माता के देवी स्वरुप का पूजन कर सभी अपने कक्षों को लौटे। इस कार्यक्रम की तेजस्विता ने सभी के मनों पर अमिट छाप छोड़ी है। 

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